नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के जेल में बंद पूर्व
प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने केंद्र
की याचिका खारिज कर फांसी की सजा उम्रकैद में बदलने के फैसले पर
पुनर्विचार से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस पी सदाशिवम, जस्टिस रंजन गोगोई
और जस्टिस शिव कीर्ति सिंह की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, 'हमने पुनर्विचार
याचिका और संलग्न दस्तावेजों का सावधानी से अवलोकन किया है।
हमें
पुनर्विचार याचिका में कोई गुणवत्ता नहीं मिली और तद्नुसार इसे खारिज किया
जाता है।'
फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने तीनों हत्यारों संथन, मुरुगन और
पेरारीवेलन को मिली फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने का आदेश दिया
था और उनकी दया याचिकाएं 11 साल तक लंबित पड़े रहने को आधार माना था। इस
फैसले के बाद केंद्र सरकार ने याचिका दायर कर कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार
करने का अनुरोध किया था, लेकिन मंगलवार को कोर्ट ने सरकार की सभी दलीलें
खारिज करते हुए याचिका खारिज कर दी।
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