वाशिंगटन। तमाम निराशाजनक खबरों के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। परचेजिंग पावर पैरिटी (पीपीपी) के आधार पर भारत महज छह साल में जापान को पछाड़कर दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत ने वर्ष 2011 में यह मुकाम हासिल किया है। 2005 में वह 10वीं पायदान पर था।
विश्व बैंक के मुताबिक 'जापान और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था अमेरिका के मुकाबले संकुचित हुई हैं। जबकि जर्मनी की अर्थव्यवस्था बढ़ी है और फ्रांस, इटली उसी स्तर पर बरकरार रही।'
छह बड़ी इकोनॉमी मध्यम आय श्रेणी की: आईसीपी के निष्कर्ष के मुताबिक, दुनिया की 12 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से छह मध्यम आय श्रेणी के हैं। यहां दुनिया की 59 फीसदी आबादी रहती है। विश्व अर्थव्यवस्था में इनका दो तिहाई योगदान है।
विश्व बैंक के मुताबिक 'जापान और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था अमेरिका के मुकाबले संकुचित हुई हैं। जबकि जर्मनी की अर्थव्यवस्था बढ़ी है और फ्रांस, इटली उसी स्तर पर बरकरार रही।'

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