इन दिनों सावन का पवित्र महीना चल रहा है। ये महीना भगवान शिव को बहुत
प्रिय है। भगवान शंकर त्रिदेवों में प्रमुख देवता हैं। वे भगवान विष्णु व
ब्रह्मा के भी आराध्य देव हैं। अनेक धर्म ग्रंथों में भगवान शंकर को अनादि व
अजन्मा बताया गया है। शिव जन्म व मृत्यु से भी परे है। इसलिए उन्हें
महाकाल भी कहा जाता है। महादेव को किसी का भी भय नहीं है,
भगवान शिव का प्रथम विवाह दक्ष प्रजापति की पुत्री सती से हुआ था। एक बार सती के पिता दक्ष प्रजापति ने बहुत बड़े यज्ञ का आयोजन किया। उस यज्ञ में दक्ष प्रजापति ने अपनी पुत्री सती और दामाद शिव को निमंत्रित नहीं किया। यज्ञ के बारे में जान कर सती बिना निमंत्रण ही पिता के यज्ञ में जाने की जिद करने लगी
भगवान शिव का प्रथम विवाह दक्ष प्रजापति की पुत्री सती से हुआ था। एक बार सती के पिता दक्ष प्रजापति ने बहुत बड़े यज्ञ का आयोजन किया। उस यज्ञ में दक्ष प्रजापति ने अपनी पुत्री सती और दामाद शिव को निमंत्रित नहीं किया। यज्ञ के बारे में जान कर सती बिना निमंत्रण ही पिता के यज्ञ में जाने की जिद करने लगी
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