भोपाल। एनडीए के साथ कौन है और कौन यूपीए के साथ, ये पहले से तय है, लेकिन कुछ पार्टियां ऐसी हैं, जिन्होंने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि वे जरूरत पडऩे पर किसका साथ देंगी। साफ है कि ये हालात को देखते हुए पैंतरा बदलेंगी। इनमें से किसी को अपना वोट बैंक बचाए रखना है
किसी को केंद्र सरकार से फंड की जरूरत है तो कुछ के व्यक्तिगत मतभेद हैं। ऐसे में चुनाव नतीजों के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी। फिर भी दलों की विचारधारा और मजबूरियों को देखकर कयास जरूर लगाए जा सकते हैं कि ऊंट किस करवट बैठेगा।

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