नई दिल्ली. भाजपा ने सोमवार को
अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। एक तरफ जहां अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा घोषणापत्र
(पूरा घोषणापत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें) से अछूता नहीं रह सका वहीं इसमें विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण से जुड़ी कई बातें की गई हैं। माना जा रहा है कि राम मंदिर मुद्दे पर पार्टी में
नरेंद्र मोदी की बात नहीं सुनी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोदी चाहते थे कि इस बार के घोषणापत्र में मंदिर मुद्दे को शामिल नहीं किया जाए और सारा जोर विकास पर ही हो। लेकिन मुरली मनोहर जोशी इसके खिलाफ थे और वह मंदिर मुद्दे को किसी भी हाल में घोषणापत्र में लाना चाहते थे। अब जब यह मुद्दा शामिल है तो निश्चित तौर पर जोशी की ही चली है, मोदी की नहीं।
पार्टी ने मल्टी ब्रैंड रिटेल में विदेशी निवेश से भी दूरी बना रखी है। घोषणापत्र को
पार्टी के सीनियर नेता मुरली मनोहर जोशी ने जारी किया।
इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज और रविशंकर प्रसाद जैसे पार्टी के तमाम नेता मौजूद थे। हालांकि, अरुण जेटली अमृतसर में अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे हैं, इसलिए वह कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे।
- संवैधानिक दायरे में रहकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की सभी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
- टैक्स व्यवस्था और बैंकों की हालत में सुधार लाने का प्रोग्राम बनाया गया है।
- हर राज्य में एक एम्स खोला जाएगा।
- नैशनल ई लाइब्रेरी बनाने की बात कही गई है ताकि देश के सभी स्कूलों के बच्चे उसका फायदा उठा सकें।
- राष्ट्रीय मदरसा नवीनीकरण कार्यक्रम, उर्दू भाषा का संरक्षण और प्रसार, संस्कृति और विरासत का संरक्षण का वादा।
- ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए स्पेशल कोर्ट बनाए जाएंगे।
- एससी, एसटी वर्ग को सामाजिक न्याय मिले और उनका सशक्तिकरण हो, इस दिशा में काम किया जाएगा।
- ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की खाई को पाटने का वादा।
- हर भारतीय के पास पक्का घर हो, इसका प्रावधान किया गया है।
- किसानों के लिए कृषि रेल मार्ग और हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्क बनाने की योजना।