नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी जिन
परंपरागत राजनीतिक तरीकों का विरोध करती है, कुमार विश्वास की अमेठी रैली
में वही तरीके हावी रहे। उनके काफिले में 300 कारों और एसयूवी का शामिल
होना, भाषण सिर्फ व्यक्ति और पार्टी पर केंद्रित रखना (विकास का
ब्लूप्रिंट नहीं देना) और अमेठी में अपनी जीत को विश्वास द्वारा आजादी की
दूसरी लड़ाई का हिस्सा बताना वैसा ही रहा जैसा बाकी पार्टियां करती हैं।
आम आदमी पार्टी के कुमार विश्वास की इस 'खास' रैली को विपक्ष आसानी से
मुद्दा बना सकता है।
आम आदमी पार्टी के नेता और मंचीय कवि कुमार विश्वास ने रविवार को कांग्रेस के गढ़ अमेठी में जन विश्वास रैली को संबोधित कर
अपनी दावेदारी पेश की। विरोध और समर्थन में लग रहे नारे के बीच कुमार
विश्वास करीब 300 गाड़ियों के काफिले के साथ लखनऊ से अमेठी पहुंचे। कुमार विश्वास जब लखनऊ से अमेठी के लिए रवाना हुए तो उनके काफिले में करीब 50 कारें और एसयूवी शामिल थी। जैसे-जैसे यह काफिला अमेठी की ओर बढ़ता गया
तो कुमार विश्वास को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा। साथ ही उनका काफिला भी
बड़ा होता गया। रास्ते में लोगों ने काले झंडे दिखाकर और अंडे फेंककर भी
कुमार विश्वास का विरोध किया लेकिन जब कुमार विश्वास अमेठी पहुंचे तो उनके
काफिले में करीब 300 गाड़ियां शामिल थी।

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