नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
के पहले जनता दरबार में मची अफरा-तफरी के बाद विरोधी उनकी जमकर आलोचना कर
रहे हैं। नरेंद्र मोदी का खुला समर्थन करने वाली किरण बेदी ने केजरीवाल पर
तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट किया, 'भगवान के लिए टीम अरविंद! सचिवालय छत से नहीं चलता, जरूरी समय लेकर लोगों की समस्याएं सुने और उचित निर्णय लें।' (देखें- जनता दरबार का वीडियो)
केजरीवाल ने शनिवार को अपने मंत्रियों के साथ दिल्ली सचिवालय के सामने पहला
जनता दरबार लगाया, लेकिन यह फ्लॉप शो साबित हुआ। इसमें भीड़ काफी जुट गई
और उसे नियंत्रित करने का इंतजाम नाकाफी साबित हुआ। भीड़ को काबू में करने
के लिए केजरीवाल को छत पर चढ़ कर अपील करनी पड़ी। उन्होंने बदइंतजामी के
लिए माफी मांगी और कहा कि कुछ दिन तक जनता दरबार का कार्यक्रम स्थगित
रहेगा। उन्होंने भरोसा दिया कि अगली बार ज्यादा पुख्ता व्यवस्था के
साथ जनता दरबार आयोजित किया जाएगा।
जनता दरबार का वक्त साढ़े नौ बजे से ग्यारह बजे तक तय था। भीड़ पहले से ही जुट गई थी। जब केजरीवाल और उनके मंत्री पहुंचे तो लोगों में सीएम केजरीवाल से मिलने की होड़ लग गई। अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लिहाजा, केजरीवाल आधे घंटे के भीतर ही अपनी सीट से उठ कर चले गए। उन्होंने लोगों को संबोधित किया और जनता दरबार से निकल गए। विपक्षी पार्टियां केजरीवाल के इस तरीके की आलोचना भी कर रही हैं।
कांग्रेस नेता शकील अहम ने भी केजरीवाल के जनता दरबार पर एक उर्दू शेर के माध्यम से चुटकी ली। उन्होंने कहा 'इब्तदा ए इश्क है, रोता है क्या, आगे-आगे देखिए होता है क्या।'
बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने इसे पॉलिटिकल नौटंकी बताया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल केवल सस्ती लोकप्रियता के लिए काम कर रहे हैं। विजेंद्र सिंह ने कहा कि केजरीवाल केवल घोषणाओं के माध्यम सरकार चलाना चाहते हैं।
जनता दरबार का वक्त साढ़े नौ बजे से ग्यारह बजे तक तय था। भीड़ पहले से ही जुट गई थी। जब केजरीवाल और उनके मंत्री पहुंचे तो लोगों में सीएम केजरीवाल से मिलने की होड़ लग गई। अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लिहाजा, केजरीवाल आधे घंटे के भीतर ही अपनी सीट से उठ कर चले गए। उन्होंने लोगों को संबोधित किया और जनता दरबार से निकल गए। विपक्षी पार्टियां केजरीवाल के इस तरीके की आलोचना भी कर रही हैं।

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