नई दिल्ली. अरविंद केजरीवाल को दिल्ली में बिजली की दरें 50 फीसदी कम करने और बिजली कंपनियों का ऑडिट कराने का फैसला भारी
पड़ता सकता है। नेशनल थर्मल पावर प्लांट (एनटीपीसी) ने शुक्रवार को
दिल्ली सरकार की उस अपील को मानने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने
पूर्वी दिल्ली में पावर सप्लाई करने वाली कंपनी 'बीएसईएस यमुना' को बिजली
आपूर्ति जारी रखने को कहा था। एनटीपीसी ने कहा कि अगर शुक्रवार तक उसकी
पेमेंट नहीं की गई तो वह बिजली सप्लाई बंद कर देगा। इससे पहले 'बीएसईएस
यमुना' ने पैसे की कमी का हवाला देते हुए शनिवार से 10 घंटे की कटौती की
बात कही है।
कंपनी ने दिल्ली सरकार को चिट्ठी भेजकर कह दिया है कि बिजली की दरें काफी कम हो गई हैं और अब उसके पास बिजली खरीदने के पैसे नहीं हैं। दूसरी ओर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर बिजली कंपनियों ने 8 से 10 घंटे की कटौती की तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
कंपनी ने दिल्ली सरकार को चिट्ठी भेजकर कह दिया है कि बिजली की दरें काफी कम हो गई हैं और अब उसके पास बिजली खरीदने के पैसे नहीं हैं। दूसरी ओर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर बिजली कंपनियों ने 8 से 10 घंटे की कटौती की तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।





















