यह मुसलमानों के मामलों का मंत्रालय नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों से जुड़े
मामलों का मंत्रालय है। मुसलमान अल्पसंख्यक नहीं हैं। पारसी अल्पसंख्यक हैं
और उनकी संख्या लगातार घट रही है। उन्हें मदद की जरूरत है ताकि वे खत्म न
हो जाएं।' अल्पसंख्यक मामलों की केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला के इस
बयान पर बवाल खड़ा हो गया है। मुस्लिम समाज के लोग हेपतुल्ला के इस बयान की
आलोचना कर रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत में मुसलमानों की आबादी कुल आबादी का 13.4 फीसदी है।
वहीं, यहूदी और पारसी समाज की आबादी बहुत कम है। देश में पारसी समाज की
आबादी 69,000 और यहूदी समाज की आबादी 5000 बताई जाती है
