जोधपुर. चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नरेंद्र मोदी ने सूर्यनगरी से
राजस्थान की कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। रावण के
चबूतरा मैदान में आमसभा में उन्होंने कहा, 'चुनाव तो बहुत देखे हैं। आम तौर
पर चुनावों में उम्मीदवार और पार्टियां लड़ती हैं, मगर पहली बार देख रहा
हूं कि यह चुनाव जनता लड़ रही है।
जनता ने फैसला कर लिया है कि राजस्थान ही नहीं, हिंदुस्तान की सरकार बदलनी है।' उन्होंने कहा कि 8 दिसंबर की तारीख इस बात की गवाह होगी कि भाजपा राजस्थान भी जीतेगी और हिंदुस्तान भी। 45 मिनट के भाषण में मोदी ने केंद्र व राज्य सरकार के भ्रष्टाचार, कांग्रेस के नेताओं व नीतियों व बैड गवर्नेस को आड़े हाथों लिया।
कांग्रेस सरकारें नहीं चला रही, देश का मजाक बना रही है
मोदी ने कहा कि सोनिया गांधी यहां आई थीं और राजस्थान को विकासशील प्रदेश का सर्टिफिकेट दे गईं जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसी राज्य सरकार को लताड़ते हुए कहा था कि यदि कानून-व्यवस्था नहीं संभल रही तो सरकार चलाना छोड़ दो।
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार चलाना नहीं आता। यहां की गर्वनर ने भी, जो उन्हीं की पार्टी से हैं, कह दिया कि यदि सरकार काम नहीं कर सकती तो वह कर दिखाएंगी।
कांग्रेस कोर्ट को नहीं मानती, खुद के नेताओं की नहीं मानती, मगर शहजादे की तो मानो, उन्हें भी प्रदेश की सरकार पर भरोसा नहीं है। भरतपुर दंगे में वे भी आते हैं तो सरकार को बिना बताए। शहजादे हिस्ट्रीशीटर के साथ चोरी की मोटरसाइकिल पर तो बैठते हैं, मगर मुख्यमंत्री के बगल में बैठने को तैयार नहीं हैं।
आगे की स्लाइड्स में जानें मोदी ने कैसे चलाए विरोधी तीर
जनता ने फैसला कर लिया है कि राजस्थान ही नहीं, हिंदुस्तान की सरकार बदलनी है।' उन्होंने कहा कि 8 दिसंबर की तारीख इस बात की गवाह होगी कि भाजपा राजस्थान भी जीतेगी और हिंदुस्तान भी। 45 मिनट के भाषण में मोदी ने केंद्र व राज्य सरकार के भ्रष्टाचार, कांग्रेस के नेताओं व नीतियों व बैड गवर्नेस को आड़े हाथों लिया।
कांग्रेस सरकारें नहीं चला रही, देश का मजाक बना रही है
मोदी ने कहा कि सोनिया गांधी यहां आई थीं और राजस्थान को विकासशील प्रदेश का सर्टिफिकेट दे गईं जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसी राज्य सरकार को लताड़ते हुए कहा था कि यदि कानून-व्यवस्था नहीं संभल रही तो सरकार चलाना छोड़ दो।
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार चलाना नहीं आता। यहां की गर्वनर ने भी, जो उन्हीं की पार्टी से हैं, कह दिया कि यदि सरकार काम नहीं कर सकती तो वह कर दिखाएंगी।
कांग्रेस कोर्ट को नहीं मानती, खुद के नेताओं की नहीं मानती, मगर शहजादे की तो मानो, उन्हें भी प्रदेश की सरकार पर भरोसा नहीं है। भरतपुर दंगे में वे भी आते हैं तो सरकार को बिना बताए। शहजादे हिस्ट्रीशीटर के साथ चोरी की मोटरसाइकिल पर तो बैठते हैं, मगर मुख्यमंत्री के बगल में बैठने को तैयार नहीं हैं।
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