नई दिल्ली. भारतीय राजनयिक देवयानी खोब्रागडे पर आरोप लगाने
वाली जिस संगीता रिचर्ड का पता लगाने की कोशिश भारतीय एजेंसियां कर रही
हैं, उसका पता चल गया है। संगीता इन दिनों न्यूयॉर्क के मैनहैटन इलाके में
नौकरी कर रही है। रिचर्ड को न्यूयॉर्क की एक गैर सरकारी संस्था सेफ होराइजन
ने पनाह दी हुई है। सेफ होराइजन संगीता को कानूनी सलाह दिलाने में भी मदद
कर रही है। इस संस्था का दावा है कि उसकी पहल पर संगीता रिचर्ड को नौकरी
मिली है। सेफ होराइजन की प्रवक्ता ने कहा, 'रिचर्ड के बारे में हमारी
संस्था को इसी साल जुलाई में जानकारी मिली थी। हम उसकी मदद कर रहे हैं।'
इससे पहले आई खबरों में संगीता को लापता बताया गया था। अमेरिकी विदेश
विभाग की प्रवक्ता मेरी हर्फ ने बताया कि संगीता नवंबर 2012 में देवयानी के
साथ ही न्यूयॉर्क आई थी। देवयानी ने उसे दूसरी जगह काम करने की इजाजत नहीं
दी। तब संगीता 23 जून 2013 को बिना बताए देवयानी का अपार्टमेंट छोड़ कर
चली गई। इस मामले में न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी विदेश विभाग में उसके लापता
होने की सूचना दर्ज कराई गई थी। देवयानी ने कहा कि संगीता को कहीं और काम
करने की इजाजत इसलिए नहीं दी क्योंकि संगीता ऑफिशियल पासपोर्ट पर आई थी।
इसमें कहीं और काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। हर्फ ने माना कि
भारतीय और अमेरिकी कानूनों में फर्क है।
इस बीच, अमेरिका की सड़कों पर देवयानी के घर में काम कर चुकी संगीता
रिचर्ड के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत में अमेरिका विरोधी
प्रदर्शनों का भी सिलसिला जारी है।

No comments:
Post a Comment