हिंसाग्रस्त इराक के धार्मिक केंद्र कर्बला और नजफ से लौटे भारतीय मुस्लिम श्रद्धालुओं ने दर्दभरी आपबीती
सुनाई है। मुस्लिम यात्रियों का कहना कि वे मौत से मुंह से वापस आए हैं।
यात्रियों का कहना है कि बंधक बनाने के लिए तलाश कर रहे आतंकियों की नजरों
से बचने के लिए कुछ लोगों को लाशों के नीचे भी छिपना पड़ा।
इराक से लौटे जफर हसन नकवी, उनकी पत्नी अंदालीब नकवी और बेटी ऐमा इराक के
दृश्यों को याद करके सिहर उठते हैं। वे बताते हैं कि आतंकी महिलाओं को भी
बेहद भयावह तरीके से मौत के घाट उतर रहे थे। यही नहीं, किशोरों को भी नहीं
बख्शा गया। उनके रास्ते में जो भी आता, उसे वे मार देते। जफर बताते हैं,
'सही समय पर सुरक्षा बलों के पहुंच जाने के कारण ही हम बच पाए। READ MORE
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