चंडीगढ़. बस, ट्रेन या भीड़भाड़ में किसी ने गलती से छुआ है या
जानबूझकर यह समझने की क्षमता महिलाओं को कुदरत ने दी है। अब ऐसा डिवाइस भी आ
गया है जो हार्ड टच और लवेबल टच में फर्क कर सके। इतना ही नहीं हार्ड टच
पर यह डिवाइस झटका भी देगी, पूरे 3800 वोल्ट का। इस डिवाइस को तैयार किया
है पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ जियोग्राफी के डॉ. कृष्ण मोहन की
बेटी मनीषा मोहन ने। यह डिवाइस एक ब्रा के रूप में है, जिसे नाम दिया गया
है- शी यानी सोसायटी हार्डनेस इक्विपमेंट।
इस डिवाइस के लिए मनीषा को राष्ट्रपति भवन के इनोवेशन स्कॉलर्स इन रेसिडेंस प्रोग्राम के लिए चुना गया है। इसके तहत मनीषा को राष्ट्रपति भवन में एक महीना रह कर अपने इनोवेटिव आइडिया पर काम करने का मौका मिलेगा, उन्हें इसे आगे बढ़ाने को मेंटरिंग भी मिलेगी। शी तैयार करने वाली चेन्नई की श्री रामास्वामी मेमोरियल यूनिवर्सिटी में बीटेक छठे सेमेस्टर की स्टूडेंट मनीषा और उनके साथी अब ऐसा डिवाइस तैयार करने में जुटी हैं, जो छोटी बच्चियों को सुरक्षित रख सके। मनीषा कहती हैं- अब हमारी टीम के तीनों मेंबर यूएस जाने वाले हैं। वहां पर गूगल और माइक्रोसॉफ्ट सहित कुछ कंपनियों के सीईओ से मिलेंगे और उनसे अपने आइडियाज शेअर करेंगे। हम कोशिश में हैं कि शी की कीमत 1000 रुपए प्रति पीस से ज्यादा न हो।
इस डिवाइस के लिए मनीषा को राष्ट्रपति भवन के इनोवेशन स्कॉलर्स इन रेसिडेंस प्रोग्राम के लिए चुना गया है। इसके तहत मनीषा को राष्ट्रपति भवन में एक महीना रह कर अपने इनोवेटिव आइडिया पर काम करने का मौका मिलेगा, उन्हें इसे आगे बढ़ाने को मेंटरिंग भी मिलेगी। शी तैयार करने वाली चेन्नई की श्री रामास्वामी मेमोरियल यूनिवर्सिटी में बीटेक छठे सेमेस्टर की स्टूडेंट मनीषा और उनके साथी अब ऐसा डिवाइस तैयार करने में जुटी हैं, जो छोटी बच्चियों को सुरक्षित रख सके। मनीषा कहती हैं- अब हमारी टीम के तीनों मेंबर यूएस जाने वाले हैं। वहां पर गूगल और माइक्रोसॉफ्ट सहित कुछ कंपनियों के सीईओ से मिलेंगे और उनसे अपने आइडियाज शेअर करेंगे। हम कोशिश में हैं कि शी की कीमत 1000 रुपए प्रति पीस से ज्यादा न हो।

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