नई दिल्ली. प्रधानमंत्री
पद के लिए नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी की घोषणा शुक्रवार को तय है। दिनभर
पार्टी अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता मोदी के पक्ष में लालकृष्ण
आडवाणी, सुषमा स्वराज और मुरली मनोहर जोशी को मनाते रहे। समर्थन तो
किसी ने नहीं किया, लेकिन देर शाम सुषमा और जोशी इस बात पर राजी हो गए कि
वे पार्टी निर्णय को मान लेंगे। आडवाणी आखिर नहीं ही माने। तमाम
विरोधाभासों के बावजूद शुक्रवार दोपहर बाद भाजपा संसदीय दल की बैठक बुलाई
गई है। सूत्र बताते हैं कि कोई आए या न आए, कोई माने या न माने, मोदी की
घोषणा तय मानी जा रही है। पार्टी ने जश्न की तैयारी कर ली है। सभी प्रदेश
पदाधिकारियों को दोपहर बाद पार्टी कार्यालयों में मौजूद रहने के लिए कहा
गया है। इसके पहले जब आडवाणी नहीं माने और कुछ अन्य नेताओं के संसदीय दल की
बैठक में न आने के आसार
बने तो पार्टी अध्यक्ष ने बिना बैठक के ही मोदी के नाम की घोषणा करने का मन बना लिया था।
यह बात राजनाथ ने मोदी और संघ को बताई तो तय यह हुआ कि कोई भी घोषणा
बैठक बुलाए बिना करना ठीक नहीं होगा। इसी वजह से सुषमा स्वराज और कुछ अन्य
नेताओं ने देर रात अपने दौरे रद्द कर दिल्ली में ही रहने का निर्णय किया।
सुषमा के लिए यह इसलिए भी जरूरी था कि बैठक में ही नहीं जाते तो अपनी बात
कैसे कहते। माना यह भी जा रहा है कि लालकृष्ण आडवाणी भी संसदीय दल की बैठक
में जरूर आएंगे। इस बीच मोदी के नाम की घोषणा के तरीके पर विचार करने के
लिए रात साढ़े ग्यारह बजे बाद राजनाथ के घर पर भाजपा नेताओं की बैठक फिर
हुई। बाहर आकर सबने यही कहा पार्टी में कोई विवाद नहीं है। इस बैठक में
राजनाथ के घर अनंत कुमार, नितिन गडकरी और रामलाल शामिल हुए।
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