अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के लिए मील का पत्थर माना जा रहा
मंगलयान अपनी लॉंन्चिंग के एक दिन बाद पृथ्वी की कक्षा में नियोजित तरीके
से काम कर रहा है। इसरो के अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार को यह पृथ्वी
की कक्षा में घूमना शुरु कर दे देगा। यान पृथ्वी की कक्षा में लगभग 25
दिनों तक रहेगा।
भारत द्वारा छोड़े गए मंगलयान को
लेकर दुनियाभर में चर्चा है। दुनिया के सामने अभी भी यह सवाल जिंदा है कि
क्या भारत का मंगल मिशन अपने मकसद में सफल हो पाएंगा लेकिन चीन अभी से इसे लेकर भड़क
गया है। चीन की सरकारी मीडिया ने भारत के अब तक सफल रहे इस अभियान को आपसी
प्रतिद्वंद्विता में चीन को पछाड़ने की भारत की कवायद के रूप में लिया है।
(कश्मीर पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान से गुपचुप डील कर रहे थे ओबामा)
चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने अपने संपादकीय लेख में आलोचना करते हुए कहा कि भारत सरकार करोड़ों गरीब लोगों को नजरअंदाज
करते हुए सिर्फ चीन से आगे निकलने की होड़ में है। अखबार ने संपादकीय की
हेडलाइन में लिखा- इंडियाज स्पेस एम्बीशन ऑफर्स क्लू टू चाइना। गौरतलब है
कि अभी तक सिर्फ अमेरिका, रूस और यूरोपियन स्पेस एजेंसी ही मंगल ग्रह तक
पहुंचने में कामयाब रहे हैं। चीन ने यिंगहुओ-1 और जापान ने नोजोमी मिशन के
जरिए मंगल तक पहुंचने का प्रयास किया था जो असफल रहा। भारत के इस मिशन पर 450 करोड़ रुपए खर्च आए हैं, जो चीन और जापान के मंगल अभियान के बजट से आधे से भी कम है।

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