Thursday, August 14, 2014

बारिश हुई तो भीगते हुए लाल किले से 'बिना लिखा' भाषण देकर इतिहास रच सकते हैं मोदी

क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अलिखित भाषण देंगे? यह सवाल दिल्ली की सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सत्ताधारी बीजेपी के नेताओं को लगता है कि नरेंद्र मोदी को अपने अंदाज को कायम रखते हुए अलिखित भाषण देना चाहिए। लेकिन, अधिकारियों को चिंता है कि अगर मोदी ने अलिखित, धाराप्रवाह हिंदी में भाषण दिया तो विदेशी
बारिश हुई तो भीगते हुए लाल किले से 'बिना लिखा' भाषण देकर इतिहास रच सकते हैं मोदी
सूत्रों का कहना है कि मोदी अगर लिखा हुआ भाषण पढ़ते हैं तो उनके प्रवाह पर असर पड़ेगा। पार्टी के सूत्र पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हैं। उनका कहना है कि वाजपेयी के स्वतंत्रता दिवस और संयुक्त राष्ट्र में लिखा हुआ भाषण पढ़ने से उनके भाषण का जाना पहचाना जादू खो गया था

आगे की स्लाइड में पढ़ें, कैसे हो रही है दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां और देखें तस्वीरें.

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